Sanitization was never thing important worldwide till COVID-19 hit us all. Sanitising ourselves and our surroundings has become an essential task to fight this virus. Sanitization helps us to break the virus cycle and stay safe. Along with social distancing, hand sanitizer for virus protection, sanitizing homes, office/shop, restaurants, public areas, workshops, factories etc. should be completely sanitized so that everyone is safe from the epidemic. The first thing to know is what, when and where you need to sanitize.

  1. Hand Sanitization – Hand sanitization is very important especially it is extremely vital that you choose the right product. You must use an alcohol-based hand sanitizer and one that uses components that are natural. So, a natural or organic hand sanitizer with more than 60% alcohol is good to go and safe on your hands i.e., Alpha GK or Germ Killer is the best hand sanitizer in the market and comes in 10 fragrances. Alpha GK is also easy to carry and one of the best travel size hand sanitizer.

    With the sudden increase in demand, market is flooded with cheap quality hand sanitizers. Applying this cheap sanitizer on hand means poisoning yourself because – 1. Hands start losing their moisture if used 3-4 times a day; 2. Hands begin to crack and you feel the need to wash hands frequently; 3. Due to the use of alcohol alone, antibacterial layer on the foreskin of hands start breaking down. If you check the labels closely, you will find that IPA, Ethyl Alcohol, and menthol in large percentages are being used. This cheap alcohol enters are body and starts attacking our Lymphatic system (https://en.wikipedia.org/wiki/Lymphatic_system). The lymphatic system plays a major role in the body's immune system. Therefore, it is recommended that one only uses a hand gel that contains the right grade alcohol and other moisturising and safe contents.

    The most important contents of a good hand gel like Alpha GK are - IP Grade IPA and Glycerine, Anti-bacterial gel, Organic Essential Oils, Bio-Gelling Agent, Bio-Oil Perfume, Bio-Color, Natural Masking Agent, Deionized Water etc. (For more information, visit www.alphaarogya.com/germs-killer). You can buy Alpha GK hand sanitizer online.

  2. Body Sanitization - Sanitizing the whole body is also important. This can be done by our product, Alpha - Organic Disinfectant (Alpha ODI). Using 100% organic essential oils it is a must in a body sanitizer. Otherwise, it could have an adverse effect on the skin. It could also be harmful if ingested mistakenly. 10 ml of Alpha Organic Disinfectant is mixed with 1 litre water and sprayed from top to bottom and front and back on the person's body through a spray pump. It is also sprayed on the hands and can be applied on the face. The goods brought from outside are also sprayed and disinfected through this. In this whole process, the person gets rid of harmful germs to a great extent. By sanitizing your house, office, shops and factories this way, you can keep yourself and people around you protected from the epidemic. (For more information, visit www.alphaarogya.com/alpha-odi).

  3. Workplace Sanitization – Workplace sanitization like office, shop, factory, vehicles, etc. is usually done by mixing a small amount of IPA, Ethyl Alcohol or Sodium Hypochlorite with water and sprayed through a large pump . This solution should not come in contact with the person's body otherwise there might be adverse effects of the chemicals on skin. Regular spraying (twice a week) is necessary to keep the areas sanitized.

सेनिटाइज़र क्या है?

मित्रों आज का सबसे चर्चित विषय सेनिटाइज़र है. प्रत्येक व्यक्ति अपने आप को सेनिटाइज़ करके महामारी के कोप से बचाना चाहता है. साथ ही उसकी ये भी ज़रूरत है कि उसका मकान, दूकान और फैक्ट्री पूरी तरह से सेनिटाइज़ रहे जिससे कि वह स्वयं, उसके कर्मचारी और आने वाले ग्राहक भी महामारी से सुरक्षित रहें. सबसे पहले जानना होगा कि कब और कहाँ सेनिटाइज़ करने की ज़रूरत है.

  1. हाथों को सुरक्षित रखना (Hand Sanitization) – सेनिटाइज़ करने की प्रथम पायदान हाथों को सेनिटाइज़ करना है. इसे हैण्ड ज़ेल (Hand Gel) या हैण्ड सेनिटाइज़र (Hand Sanitizer) के माध्यम से किया जाता है. एक अच्छी हैण्ड ज़ेल में निम्न अवयव ज़रुरी हैं – IP Grade IPA and Glycerin, Organic Essential Oils, Bio-Gelling Agent, Bio-Oil Perfume, Bio-Color, Natural Masking Agent, Deionized Water etc.
    हाथों को सेनिटाइज़ करने के लिए उपरोक्त मिश्रण से बना हुआ उत्पाद ही अच्छा रहता है. बाज़ार हल्की गुणवत्ता के सस्ते सेनिटाइज़र से भरा पड़ा हैं. उनकी शीशी पर छपे लेबल को पढने और जाँचने पर पता चलता है कि उनमे मिश्रित अवयव के नाम पर IPA, Ethyl Alcohol, Color और गंध के लिए मेंथोल मिला दिया जाता है. ये सस्ते सेनिटाइज़र हाथों पर लगाना मतलब ज़हर चोपड़ना है क्योंकि – १. दिन में ३ – ४ बार लगाने के बाद हाथों में सफेदी आने लगती है. २. हाथ कड़क होने लगते हैं और बार-बार हाथ धोने की ज़रूरत महसूस होती है. ३. सिर्फ अल्कोहोल हाथ में लगाने पर चमड़ी के अन्दर की तरफ मौजूद जीवाणुरोधी परत (बेक्टेरिया प्रोटेक्टिव लेयर) टूट जाती है. इससे अल्कोहोल अन्दर जाकर Lymphatic System (https://en.wikipedia.org/wiki/Lymphatic_system) को चोट पहुँचाता है. ये Lymphatic System हमारे शरीर की प्रतिरोधी क्षमता (Immunity) को बनाए रखता है. सस्ते सेनिटाइज़र प्रयोग में लाने के चक्कर में हम उल्टा मौत को निमंत्रित करते हैं. हाथों को सेनिटाइज़ करने के लिए हैण्ड ज़ेल (Hand Gel) सही है. (इसकी विस्तृत जानकारी www.alphaarogya.com पर उपलब्ध है).

  2. शरीर को सेनिटाइज़ करना - सेनिटाइज़ करने की दूसरी पायदान में पूरे शरीर को सेनिटाइज़ करना है. इसे अल्फा - आर्गेनिक डिस-इन्फेक्टेंट (Alpha - Organic Disinfectant) के माध्यम से किया जाता है. एक अच्छे आर्गेनिक डिसइन्फेक्टेंट में Organic Essential Oils in its purest form बेहद ज़रुरी हैं. इसका प्रयोग करने से चमड़ी पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए. गलती से मुँह के अन्दर चले जाने पर कोई दुष्प्रभाव नहीं होना चाहिए.
    लगभग ३० ml आर्गेनिक डिसइन्फेक्टेंट को १ लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे पंप (नाई का पंप) के माध्यम से व्यक्ति के शरीर पर ऊपर से नीचे और आगे-पीछे दोनों तरफ स्प्रे कर दिया जाता है. हाथों में भी स्प्रे करके उसे चेहरे पर लगा लिया जाता है. साथ लाए सामान को भी इसी के माध्यम से स्प्रे करके करके डिसइन्फेक्ट किया जाता है. इस पूरी प्रक्रिया में काफी हद तक व्यक्ति हानिकारक कीटाणु से मुक्त हो जाता है. सभी मकान, दूकान और फैक्ट्री इसी प्रकार से सेनिटाइज़ करके व्यक्ति स्वयं, उसके मजदूर, कर्मचारी और आने वाले ग्राहक भी महामारी से सुरक्षित रह सकते है. (इसकी विस्तृत जानकारी www.alphaarogya.com पर उपलब्ध है.)

  3. कार्यस्थल को सेनिटाइज़ करना - सेनिटाइज़ करने की तीसरी पायदान मै जगहों को सेनिटाइज़ करना है. इसमें मकान – दूकान, कार्यालय, फैक्ट्री, बस – कार, ट्रेन के डिब्बे इत्यादि सेनिटाइज़ करना है. इसमें पानी के साथ कुछ मात्रा में IPA, Ethyl Alcohol, Sodium Hypochlorite मिलाकर कीटनाशक का छिड़काव करने वाले बड़े पंप के माध्यम से स्प्रे किया जाता है. छिड़काव के समय ये मिश्रण व्यक्ति के शरीर के संपर्क में बिलकुल भी नहीं आना चाहिए अन्यथा उसे चमड़ी का रोग हो सकता है | कार्यस्थल को हानिकारक कीटाणु रहित बनाए रखने के लिए इसका नियमित छिड़काव (सप्ताह में दो बार) ज़रूरी है |